अंजोर.महासमुन्द, 22 मई 2021। गरमी म पशु मनला लू ले बचाव अउ उंकर देखभाल के खातिर पशुपालक किसान मनला समसामयिक सलाह देत उप संचालक पशु चिकित्सक डॉ. डी.डी. झारिया किहिन के ए समय सूरज के तेज गर्मी के सेती गर्म हवा चलत हावय। तापक्रम लगभग 40 डिग्री सेंटीग्रेड के आस-पास हावय। अइसे म पशु मनला लू लगे अउ उंकर बीमार होए के संभावना हावय। पशु मनके आहार ले म अरूचि, तेज बुखार, हाफना, नाक ले स्त्राव बहना, आंख ले आसू गिरना अउ आंख के लाल होना, पतला दस्त होना अउ शरीर म पानी के जादा कमी होए ले लड़खड़ाके गिरना उक लू लगे के प्रमुख लक्षण हावयं।
ओमन बताइन के पशु के बीमार होए ले पहिली बचाव के उपाय करना लाभकारी होथे। पशुपालक पशु के स्वास्थ्य के प्रति बहुत जादा सावधानी बरतें। पशु ल बिहनिया 9 बजे ले संझा 5 बजे तक कोठा म रखे। कोठा ल खुला नी रखके टाट उक ले ढक करके रखें। गर्म हवा ले बचाये के खातिर टाट म पानी छिड़क करके वातावरण ल ठंडा बनाये रखं। पशु ल पर्याप्त मात्रा म पोषण आहार अउ पीये के खातिर हमेशा ठण्डा अउ स्वच्छ पानी दे। पशु ल ठोस आहार न देके तरल युक्त नरम आहार खिलावे। बिहाव अउ आन आयोजन ल बचे बासी भोजप पशु ल झन खिलावें। कोठा के सरलग साफ-सफाई करय।
डॉ. झारिया ह नवजात बछड़ा-बछिय के विशेष देखभाल करे के हिदायत दीस हावय। ओमन किहिन हावय के संकर नस्ल अउ भैंसवंशी पशु ल पानी के उपलब्धता के आधार म कम से कम दिन म एक बार जरूर नहलाना-धुलाना चाही। यदि पशु असामान्य दिखे त तुरते निकट के पशु चिकित्सा संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी ल सूचित करके तुरते उपचार कराये जाना चाही।
सबो पाठक ल जोहार..,
हमर बेवसाइट म ठेठ छत्तीसगढ़ी के बजाए रइपुरिहा भासा के उपयोग करे हाबन, जेकर ल आन मन तको हमर भाखा ल आसानी ले समझ सके...
छत्तीसगढ़ी म समाचार परोसे के ये उदीम कइसे लागिस, अपन बिचार जरूर लिखव।
महतारी भाखा के सम्मान म- पढ़बो, लिखबो, बोलबो अउ बगराबोन छत्तीसगढ़ी।