दलहन तिलहन फसल तनि बढ़त अब राजनांदगांव जिला के किसान

अंजोर
0

अंजोर.राजनांदगांव, 27 जून 2021। जिला म मानसून के आगमन के संग ही सरलग होत वर्षा के संग जिला म खरीफ फसल के बोआई जोर म हावय। कृषि विभाग के आने-आने योजनांतर्गत फसल प्रदर्शन के माध्यम ले भी किसान मन दलहन-तिलहन फसल के उत्पादन ल बढ़ावा दे बर किसान मनके मैदानी स्तर म विभागीय योजना मन ले लाभान्वित करे जात हावय। इही क्रम म उप संचालक कृषि जीएस धुर्वे डहर ले गांव पारागांवखुर्द म किसान मन के एक्सटेंशन रिफार्म ‘आत्मा’ योजना के अंतर्गत फसल प्रदर्शन बर कृषि आदान सामग्री अरहर बीज, राजोबियम कल्चर, नीम ऑयल अउ वर्मी खातु चयनित किसान मनल वितरण करिन। 

अरहर फसल प्रदर्शन के आयोजन रिज एण्ड फेरो विधि ले करे के तकनीकी जानकारी अउ ए विधि के लाभ के विस्तार ले बताइन। रिज एण्ड फेरो विधि ल ऊंचा क्यारी मांदा विधि भी कहे जाथे। ए विधि म मांदा क्यारी बनाके बीजहा के बोआई करे जात हावय, जेकर ले जल भराव के स्थिति म नुकसान ले बचा जा सकत हावय अउ उत्पादन भी अच्छा होथे। किसान मन ल बीज के उपचार करके उचित दूरी म भी लगाये के भी निर्देश दीस अउ आन कृषक के ए विधि के उपयोग अउ दलहन-तिलहन फसल खरीफ म ले के खातिर प्रचार-प्रसार के अपील करे गिस। 

किसान मनके राजीव गांधी किसान न्याय योजना के विस्तार ले जानकारी दीस अउ किसान मनले अपील करिन के धान के ठऊर म दलहन-तिलहन के रकबा बढ़ावत राजीव गांधी न्याय योजना के पोर्टल म ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ले खरीफ म बोये गे फसल अउ रकबा के सत्यापन करा के पंजीयन कराये के निर्देश भी दीस। 

ए योजना के तहत किसान मनल धान के ठऊर म आन फसल ले म प्रति एकड़ 10 हजार रकम रूपिया लाभ के बारे म किसान ल बताइन। बीजहा अउ वर्मी कम्पोस्ट खातु वितरण कार्यक्रम म वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी डोंगरगढ़ बीआर बघेल, आत्मा योजना के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजू कुमार साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी घनश्याम सोनी, ब्लॉक तकनीकी सहायक हरीश देवहरि अउ डॉ. खूबचंद बघेल उत्कृष्ट किसान ले सम्मानित एनेश्वर वर्मा अउ गांव के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रिहिस।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

सबो पाठक ल जोहार..,
हमर बेवसाइट म ठेठ छत्तीसगढ़ी के बजाए रइपुरिहा भासा के उपयोग करे हाबन, जेकर ल आन मन तको हमर भाखा ल आसानी ले समझ सके...
छत्तीसगढ़ी म समाचार परोसे के ये उदीम कइसे लागिस, अपन बिचार जरूर लिखव।
महतारी भाखा के सम्मान म- पढ़बो, लिखबो, बोलबो अउ बगराबोन छत्तीसगढ़ी।

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Accept !