आदिवासी लोक कलाकार बुटलूराम माथरा ल कला के क्षेत्र म उंकर सराहनीय योगदान अउ आदिवासी सामाजिक चेतना अउ उत्थान के प्रयास के खातिर छत्तीसगढ़ शासन डहर ले साल 2024 म शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान ले सम्मानित करे गे हावय। उन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ल बिलासपुर प्रवास के बखत ओला बांसुरी भेंट करिन हावय, ए बखत प्रधानमंत्री मोदी डहर ले माथरा ले लोक कला के संबंध म विस्ता्र ले गोठबात करे गिस।
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश के मुताबिक आदिवासी विकास विभाग के माध्यम ले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रवास के मउका म बिलासपुर पहुंच के माथरा डहर ले लोक कला ल संरक्षण अउ सवर्धन के खातिर करे जात बुता के बारे म गोठबात करत माथरा ल ए बुता के खातिर प्रधानमंत्री के डहर ले उत्साहवर्धन करिन।
कौन है बुटलूराम माथरा
श्री माथरा ह पाछु चार दशक ले जनजाति कला के संरक्षण अउ संवर्धन बर सरलग प्रयास करत हावयं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ह ‘‘मन के बात के 115वें एपिसोड‘‘ म बुटलूराम माथरा के उल्लेख करत जनजाति लोक कला के क्षेत्र म उंकर उत्कृष्ट प्रयास के बढ़ई करे रिहिस।
नारायणपुर जिला के देवगांव म जन्मे माथरा ह उहें प्राथमिक स्तर तक शिक्षा मिले करिस। शिल्प कला के ज्ञान ओला विरासत म मिले हावय। उंकर पिता माहरूराम माथरा कृषि बुता के संग बांस शिल्पी रिहिस। अपन पिता के सानिध्य म ही बुटलूराम ह नानपन ले बांस शिल्प के सिरजन करे के सुरू करिन। वो बम्बू आर्ट (बांस कला) अउ तुमा (सूखी लौकी) शिल्प कला के क्षेत्र म सिद्धहस्त हावयं। उंकर बनाये बॉस के बांसुरी, झूमर अउ आन सजावटी सामग्रियां गजब लोकप्रिय हावयं। बुटलूराम ह लगभग 60 स्थानीय युवा मन ल पारंपरिक कला म प्रशिक्षित करके न सिरिफ ये कला के संरक्षण करिन हावय बल्कि युवा मन ल रोजगार के मउका तको दे हावयं। ओमन बस्तर के जनजाति नृत्य कला के संरक्षण, प्रचार-प्रसार अउ ओला राष्ट्रीय स्तर म पहचान देवाये म जरूरी योगदान दे हावय।
माथरा ह बस्तर संभाग के जिला के जनजाति नर्तक दल ल संगठित करके देश के आने-आने राज्य अउ शहर म जनजाति नृत्य महोत्सव, राष्ट्रीय परब अउ आन कार्यक्रम म सहभागिता के मउका दे हावय। माथरा के ए उत्कृष्ट योगदान ले न सिरिफ बस्तर के जनजाति कला के संरक्षण होत हावय, बल्कि एला राष्ट्र के आने-आने क्षेत्र म तको पहचान मिले हावय।
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